Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.56.37: तत्पश्चात् विजय के हर्ष से विभूषित वानरों ने पूरे बल से गर्जना की और राक्षसों को जीवित ही वहाँ घसीटना आरम्भ कर दिया॥37॥   |   ramayan सर्ग 6.56: हनुमान जी के द्वारा अकम्पन का वध   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 56: हनुमान जी के द्वारा अकम्पन का वध  »  श्लोक 37
 
 
श्लोक  6.56.37 
विनेदुश्च यथाप्राणं हरयो जितकाशिन:।
चकृषुश्च पुनस्तत्र सप्राणानेव राक्षसान्॥ ३७॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् विजय के हर्ष से विभूषित वानरों ने पूरे बल से गर्जना की और राक्षसों को जीवित ही वहाँ घसीटना आरम्भ कर दिया॥37॥
 
After that, the monkeys, adorned with joy of victory, roared with full force and started dragging the demons alive there. 37॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)