श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 55: रावण की आज्ञा से अकम्पन आदि राक्षसों का युद्ध में आना और वानरों के साथ उनका घोर युद्ध  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  6.55.5 
परिगृह्य स तामाज्ञां रावणस्य महाबल:।
बलं सम्प्रेरयामास तदा लघुपराक्रम:॥ ५॥
 
 
अनुवाद
रावण की आज्ञा स्वीकार करके महाबली और वीर सेनापति ने तब अपनी सेना युद्ध के लिए भेजी ॥5॥
 
Accepting Ravana's command, the mighty and valiant army chief then sent his army for the war. ॥ 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)