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श्लोक  6.54.31 
चित्रांश्च रुचिरान् मार्गांश्चेरतु: कपिराक्षसौ।
जघ्नतुश्च तदान्योन्यं नर्दन्तौ जयकांक्षिणौ॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
उस समय वे वीर वानर और राक्षस एक-दूसरे पर विजय पाने की इच्छा से गर्जना करते हुए तथा अपनी सुन्दर एवं विचित्र चालें बदलते हुए एक-दूसरे पर आक्रमण करने लगे।
 
At that time, those brave monkeys and demons, desiring to conquer each other, began attacking each other while roaring and changing their beautiful and strange tactics.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)