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ramayan 6.54.2: उन्होंने अपना भयंकर धनुष, जो इन्द्र के वज्र के समान तेजस्वी था, खींचकर वानरों की सेना पर बाणों की वर्षा आरम्भ कर दी।   |   ramayan सर्ग 6.54: वज्रदंष्ट्र और अङ्गद का युद्ध तथा अङ्गद के हाथ से उस निशाचर का वध   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.54.2 
विस्फार्य च धनुर्घोरं शक्राशनिसमप्रभम्।
वानराणामनीकानि प्राकिरच्छरवृष्टिभि:॥ २॥
 
 
अनुवाद
उन्होंने अपना भयंकर धनुष, जो इन्द्र के वज्र के समान तेजस्वी था, खींचकर वानरों की सेना पर बाणों की वर्षा आरम्भ कर दी।
 
Drawing his fearsome bow, which was as effulgent as Indra's thunderbolt, he began to shower arrows upon the army of monkeys.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)