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ramayan 6.54.18: उस समय वज्रदंष्ट्र ने अग्नि की ज्वाला के समान तेजस्वी एक लाख बाण बलि के पराक्रमी पुत्र अंगद के हृदय में मारे॥18॥   |   ramayan सर्ग 6.54: वज्रदंष्ट्र और अङ्गद का युद्ध तथा अङ्गद के हाथ से उस निशाचर का वध   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.54.18 
तत: शतसहस्रेण हरिपुत्रं महाबलम्।
जघान मर्मदेशेषु शरैरग्निशिखोपमै:॥ १८॥
 
 
अनुवाद
उस समय वज्रदंष्ट्र ने अग्नि की ज्वाला के समान तेजस्वी एक लाख बाण बलि के पराक्रमी पुत्र अंगद के हृदय में मारे॥18॥
 
At that time, Vajradanshtra shot one lakh arrows, as bright as a flame of fire, into the heart of the mighty son of Vali, Angad. 18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)