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श्लोक  6.54.13-14h 
प्रविवेश धनुष्पाणिस्त्रासयन् हरिवाहिनीम्॥ १३॥
शरैर्विदारयामास कङ्कपत्रैरजिह्मगै:।
 
 
अनुवाद
हाथ में धनुष लेकर वह वानर सेना में घुस गया और उसे भयभीत कर दिया तथा कंकरीले पत्तों से जड़े हुए सीधे चलने वाले बाणों से शत्रुओं को भेदना शुरू कर दिया।
 
With bow in his hand, he entered the monkey army, frightening it, and began piercing the enemies with his straight-going arrows studded with gravelly leaves.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)