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ramayan 6.54.12-13h: वानरों के आक्रमण से भयभीत राक्षसों को देखकर महाबली वज्रदंष्ट्र की आंखें क्रोध से लाल हो गईं।   |   ramayan सर्ग 6.54: वज्रदंष्ट्र और अङ्गद का युद्ध तथा अङ्गद के हाथ से उस निशाचर का वध   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.54.12-13h 
राक्षसान् भयवित्रस्तान् हन्यमानान् प्लवंगमै:॥ १२॥
दृष्ट्वा स रोषताम्राक्षो वज्रदंष्ट्र: प्रतापवान्।
 
 
अनुवाद
वानरों के आक्रमण से भयभीत राक्षसों को देखकर महाबली वज्रदंष्ट्र की आंखें क्रोध से लाल हो गईं।
 
Seeing the demons frightened by the attack of the monkeys, the eyes of the mighty Vajradanshtra became red with anger. 12 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)