Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.53.28-29h: उसकी आँखें क्रोध से लाल हो रही थीं। वह इंद्र के समान शक्तिशाली था। जिस प्रकार सिंह छोटे-छोटे जंगली जानवरों को आसानी से मार डालता है, उसी प्रकार बलवान अंगद ने एक वृक्ष उठाया और उन सभी राक्षसों का संहार करना आरम्भ कर दिया। | ramayan सर्ग 6.53: वज्रदंष्ट्र का सेना सहित युद्ध के लिये प्रस्थान, वानरों और राक्षसों का युद्ध, अङ्गद द्वारा राक्षसों का संहार । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उसकी आँखें क्रोध से लाल हो रही थीं। वह इंद्र के समान शक्तिशाली था। जिस प्रकार सिंह छोटे-छोटे जंगली जानवरों को आसानी से मार डालता है, उसी प्रकार बलवान अंगद ने एक वृक्ष उठाया और उन सभी राक्षसों का संहार करना आरम्भ कर दिया।
His eyes were turning red with anger. He was as powerful as Indra. Just as a lion kills small wild animals easily, in the same way the powerful Angad picked up a tree and started killing all those demons.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥