Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.53.11: हाथ में अंकुश और गदा लिए हुए महावतों सहित, युद्धकला में निपुण और उनकी गर्दन पर सवार हाथी युद्ध के लिए आगे बढ़े। उत्तम गुणों वाले और उन पर सवार वीर सैनिकों सहित अन्य बलवान घोड़े भी युद्ध के लिए आगे बढ़े॥ 11॥   |   ramayan सर्ग 6.53: वज्रदंष्ट्र का सेना सहित युद्ध के लिये प्रस्थान, वानरों और राक्षसों का युद्ध, अङ्गद द्वारा राक्षसों का संहार   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 53: वज्रदंष्ट्र का सेना सहित युद्ध के लिये प्रस्थान, वानरों और राक्षसों का युद्ध, अङ्गद द्वारा राक्षसों का संहार  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  6.53.11 
ते युद्धकुशला रूढास्तोमराङ्कुशपाणिभि:।
अन्ये लक्षणसंयुक्ता: शूरारूढा महाबला:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
हाथ में अंकुश और गदा लिए हुए महावतों सहित, युद्धकला में निपुण और उनकी गर्दन पर सवार हाथी युद्ध के लिए आगे बढ़े। उत्तम गुणों वाले और उन पर सवार वीर सैनिकों सहित अन्य बलवान घोड़े भी युद्ध के लिए आगे बढ़े॥ 11॥
 
The elephants, with mahouts holding goads and maces in their hands and riding on their necks and skilled in the art of war, advanced for the battle. The other powerful horses with excellent characteristics and valiant soldiers riding on them also advanced for the battle.॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)