श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 51: श्रीराम के बन्धनमुक्त होने का पता पाकर चिन्तित हए रावण का धूम्राक्ष को युद्ध के लिये भेजना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  6.51.8 
तथोक्तास्ते सुसम्भ्रान्ता: प्राकारमधिरुह्य च।
ददृशु: पालितां सेनां सुग्रीवेण महात्मना॥ ८॥
 
 
अनुवाद
रावण का यह आदेश सुनकर राक्षस भयभीत हो गये और प्राचीर पर चढ़कर महाबली सुग्रीव द्वारा पोषित वानर सेना की ओर देखने लगे।
 
On hearing this order from Ravana, the demons became frightened and after climbing the ramparts, they began to look towards the monkey army nurtured by the great soul Sugreeva.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)