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ramayan 6.51.5: ‘किन्तु श्री राम और लक्ष्मण दोनों भाई तीक्ष्ण बाणों से बँधे हुए हैं। यहाँ यह महान उत्सव भी हो रहा है, जो मेरे मन में संदेह उत्पन्न कर रहा है।’॥5॥   |   ramayan सर्ग 6.51: श्रीराम के बन्धनमुक्त होने का पता पाकर चिन्तित हए रावण का धूम्राक्ष को युद्ध के लिये भेजना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 51: श्रीराम के बन्धनमुक्त होने का पता पाकर चिन्तित हए रावण का धूम्राक्ष को युद्ध के लिये भेजना  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  6.51.5 
तौ तु बद्धौ शरैस्तीक्ष्णैर्भ्रातरौ रामलक्ष्मणौ।
अयं च सुमहान् नाद: शङ्कां जनयतीव मे॥ ५॥
 
 
अनुवाद
‘किन्तु श्री राम और लक्ष्मण दोनों भाई तीक्ष्ण बाणों से बँधे हुए हैं। यहाँ यह महान उत्सव भी हो रहा है, जो मेरे मन में संदेह उत्पन्न कर रहा है।’॥5॥
 
‘But both the brothers Shri Ram and Lakshman are tied with sharp arrows. Here this great celebration is also happening, which is creating a doubt in my mind.’॥ 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)