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श्लोक  6.51.29 
स निर्यातो महावीर्यो धूम्राक्षो राक्षसैर्वृत:।
हसन् वै पश्चिमद्वाराद्धनूमान् यत्र तिष्ठति॥ २९॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार, अनेक राक्षसों के साथ, शक्तिशाली धूम्राक्ष मुस्कुराते हुए पश्चिमी द्वार से युद्ध के लिए निकल पड़ा, जहां हनुमान शत्रु का सामना करने के लिए खड़े थे।
 
Thus, accompanied by many demons, the mighty Dhoomraksha smilingly set out for the battle from the western gate, where Hanuman was standing to face the enemy.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)