Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.51.28: धूम्राक्ष का रथ सोने के आभूषणों से विभूषित गधों द्वारा खींचा जाता था, जिनके मुख भेड़ियों और सिंहों के समान थे। धूम्राक्ष गधे के समान रेंकता हुआ उस दिव्य रथ पर सवार हुआ॥28॥ | ramayan सर्ग 6.51: श्रीराम के बन्धनमुक्त होने का पता पाकर चिन्तित हए रावण का धूम्राक्ष को युद्ध के लिये भेजना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
धूम्राक्ष का रथ सोने के आभूषणों से विभूषित गधों द्वारा खींचा जाता था, जिनके मुख भेड़ियों और सिंहों के समान थे। धूम्राक्ष गधे के समान रेंकता हुआ उस दिव्य रथ पर सवार हुआ॥28॥
Dhoomraaksha's chariot was drawn by donkeys adorned with gold ornaments whose faces resembled those of wolves and lions. Dhoomraaksha, braying like a donkey, rode on that divine chariot.॥28॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥