Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.51.26-27: बहुत से राक्षस ध्वजाओं से सुसज्जित और सोने की जाली से मढ़े रथों पर सवार होकर युद्ध के लिए निकले। वे सभी कवच पहने हुए थे। अनेक महादैत्य विभिन्न मुखों वाले गधों, अत्यंत वेगवान घोड़ों और उन्मत्त हाथियों पर सवार होकर, जो अजेय बाघों के समान प्रतीत होते थे, युद्ध के लिए नगर से निकले। | ramayan सर्ग 6.51: श्रीराम के बन्धनमुक्त होने का पता पाकर चिन्तित हए रावण का धूम्राक्ष को युद्ध के लिये भेजना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
बहुत से राक्षस ध्वजाओं से सुसज्जित और सोने की जाली से मढ़े रथों पर सवार होकर युद्ध के लिए निकले। वे सभी कवच पहने हुए थे। अनेक महादैत्य विभिन्न मुखों वाले गधों, अत्यंत वेगवान घोड़ों और उन्मत्त हाथियों पर सवार होकर, जो अजेय बाघों के समान प्रतीत होते थे, युद्ध के लिए नगर से निकले।
Many demons came out for the battle in chariots decorated with flags and covered with gold netting. All of them were wearing armour. Many great demons came out of the city for the battle riding on donkeys with different faces, very fast horses and mad elephants, looking like unconquerable tigers.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥