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ramayan 6.51.2: जब मन्त्रियों के बीच में बैठे हुए रावण ने वह कोमल और गम्भीर घोषणा, वह ऊँची गर्जना सुनी, तब वह इस प्रकार बोला-॥2॥   |   ramayan सर्ग 6.51: श्रीराम के बन्धनमुक्त होने का पता पाकर चिन्तित हए रावण का धूम्राक्ष को युद्ध के लिये भेजना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.51.2 
स्निग्धगम्भीरनिर्घोषं श्रुत्वा तं निनदं भृशम्।
सचिवानां ततस्तेषां मध्ये वचनमब्रवीत्॥ २॥
 
 
अनुवाद
जब मन्त्रियों के बीच में बैठे हुए रावण ने वह कोमल और गम्भीर घोषणा, वह ऊँची गर्जना सुनी, तब वह इस प्रकार बोला-॥2॥
 
When Ravana, seated amidst the ministers, heard that gentle and deep declaration, that loud roar, then he spoke thus -॥ 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)