Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.50.7: इतने में ही वीर विभीषण हाथ में गदा लिए वहाँ पहुँचे और विजय का आशीर्वाद देकर सुग्रीव और श्री रघुनाथजी की कुशलक्षेम की प्रार्थना की॥7॥ | ramayan सर्ग 6.50: विभीषण को इन्द्रजित समझकर वानरों का पलायन, गरुड़ का आना और श्रीराम लक्ष्मण को नागपाश से मुक्त करके जाना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एतस्मिन्नन्तरे वीरो गदापाणिर्विभीषण:।
सुग्रीवं वर्धयामास राघवं च जयाशिषा॥ ७॥
अनुवाद
इतने में ही वीर विभीषण हाथ में गदा लिए वहाँ पहुँचे और विजय का आशीर्वाद देकर सुग्रीव और श्री रघुनाथजी की कुशलक्षेम की प्रार्थना की॥7॥
Meanwhile, brave Vibhishan reached there with a mace in his hand and blessed him for victory and prayed for the prosperity of Sugriva and Shri Raghunathji. 7॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥