Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.50.4: तब वानरराज सुग्रीव ने अपने पुत्र अंगद से कहा - 'पुत्र! मैं नहीं मानता कि सेना में भगदड़ अकारण ही हुई है। ऐसा अवश्य ही किसी भय के कारण हुआ होगा।'   |   ramayan सर्ग 6.50: विभीषण को इन्द्रजित समझकर वानरों का पलायन, गरुड़ का आना और श्रीराम लक्ष्मण को नागपाश से मुक्त करके जाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 50: विभीषण को इन्द्रजित समझकर वानरों का पलायन, गरुड़ का आना और श्रीराम लक्ष्मण को नागपाश से मुक्त करके जाना  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  6.50.4 
अथाब्रवीद् वानरेन्द्र: सुग्रीव: पुत्रमङ्गदम्।
नानिमित्तमिदं मन्ये भवितव्यं भयेन तु॥ ४॥
 
 
अनुवाद
तब वानरराज सुग्रीव ने अपने पुत्र अंगद से कहा - 'पुत्र! मैं नहीं मानता कि सेना में भगदड़ अकारण ही हुई है। ऐसा अवश्य ही किसी भय के कारण हुआ होगा।'
 
Then the monkey king Sugreeva said to his son Angada - 'Son! I do not believe that the stampede in the army has happened without any reason. This must have happened due to some fear.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)