श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 50: विभीषण को इन्द्रजित समझकर वानरों का पलायन, गरुड़ का आना और श्रीराम लक्ष्मण को नागपाश से मुक्त करके जाना  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  6.50.39 
वैनतेयेन संस्पृष्टास्तयो: संरुरुहुर्व्रणा:।
सुवर्णे च तनू स्निग्धे तयोराशु बभूवतु:॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
जैसे ही श्री राम और लक्ष्मण ने गरुड़ को स्पर्श किया, उनके सारे घाव भर गए और उनके शरीर तुरन्त सुंदर, कांतिमान और चिकने हो गए।
 
As soon as Shri Ram and Lakshman touched Garuda, all their wounds healed and their bodies instantly became beautiful, radiant and smooth.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)