Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.5.23: उस समय जब लक्ष्मण ने उनसे विनती की, तब शोक से व्याकुल श्री राम ने कमल-नयन सीता का स्मरण करते हुए संध्यावंदन किया।   |   ramayan सर्ग 6.5: श्रीराम का सीता के लिये शोक और विलाप   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 5: श्रीराम का सीता के लिये शोक और विलाप  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  6.5.23 
आश्वासितो लक्ष्मणेन राम: संध्यामुपासत।
स्मरन् कमलपत्राक्षीं सीतां शोकाकुलीकृत:॥ २३॥
 
 
अनुवाद
उस समय जब लक्ष्मण ने उनसे विनती की, तब शोक से व्याकुल श्री राम ने कमल-नयन सीता का स्मरण करते हुए संध्यावंदन किया।
 
At that time, when Lakshman entreated him, Sri Rama, who was overcome with grief, performed the evening prayers while thinking of lotus-eyed Sita.
 
इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्ये युद्धकाण्डे पञ्चम: सर्ग:॥ ५॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके युद्धकाण्डमें पाँचवाँ सर्ग पूरा हुआ ॥ ५ ॥
 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)