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ramayan 6.5.19: मैं कब राक्षसराज रावण की छाती में बाण मारकर अपना मानसिक शोक दूर करूंगा और सीता का शोक कब दूर करूंगा?   |   ramayan सर्ग 6.5: श्रीराम का सीता के लिये शोक और विलाप   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.5.19 
कदा नु राक्षसेन्द्रस्य निधायोरसि सायकान्।
शोकं प्रत्याहरिष्यामि शोकमुत्सृज्य मानसम्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
मैं कब राक्षसराज रावण की छाती में बाण मारकर अपना मानसिक शोक दूर करूंगा और सीता का शोक कब दूर करूंगा?
 
When will I relieve my own mental grief by thrusting my arrows into the chest of the demon king Ravana and then alleviate Sita's grief?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)