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ramayan 6.49.7: यदि सुमित्रा का सुख बढ़ाने वाले लक्ष्मण जीवित न रहें, तो मैं वानरों के सामने अपने प्राण त्याग दूँगा॥7॥   |   ramayan सर्ग 6.49: श्रीराम का सचेत हो लक्ष्मण के लिये विलाप करना और स्वयं प्राणत्याग का विचार करके वानरों को लौट जाने की आज्ञा देना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 49: श्रीराम का सचेत हो लक्ष्मण के लिये विलाप करना और स्वयं प्राणत्याग का विचार करके वानरों को लौट जाने की आज्ञा देना  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  6.49.7 
परित्यक्ष्याम्यहं प्राणान् वानराणां तु पश्यताम्।
यदि पञ्चत्वमापन्न: सुमित्रानन्दवर्धन:॥ ७॥
 
 
अनुवाद
यदि सुमित्रा का सुख बढ़ाने वाले लक्ष्मण जीवित न रहें, तो मैं वानरों के सामने अपने प्राण त्याग दूँगा॥7॥
 
If Lakshman, who increased the happiness of Sumitra, does not survive, then I will sacrifice my life in front of the monkeys. 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)