Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.49.4: उन्होंने देखा कि उनके भाई लक्ष्मण बाणों से बुरी तरह घायल होकर रक्त से लथपथ पड़े हैं और उनका मुख अत्यंत पीला पड़ गया है; इससे वे चिंतित होकर विलाप करने लगे- | ramayan सर्ग 6.49: श्रीराम का सचेत हो लक्ष्मण के लिये विलाप करना और स्वयं प्राणत्याग का विचार करके वानरों को लौट जाने की आज्ञा देना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उन्होंने देखा कि उनके भाई लक्ष्मण बाणों से बुरी तरह घायल होकर रक्त से लथपथ पड़े हैं और उनका मुख अत्यंत पीला पड़ गया है; इससे वे चिंतित होकर विलाप करने लगे-
He saw that his brother Lakshman was lying covered in blood after being severely injured by arrows and his face was very pale; hence he became anxious and started wailing-
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥