Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.49.32: तत्पश्चात समस्त सेनाओं को स्थिर करके विभीषण हाथ में गदा लेकर तुरंत ही उस स्थान पर लौट आए जहाँ श्री रामचंद्रजी उपस्थित थे॥32॥   |   ramayan सर्ग 6.49: श्रीराम का सचेत हो लक्ष्मण के लिये विलाप करना और स्वयं प्राणत्याग का विचार करके वानरों को लौट जाने की आज्ञा देना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 49: श्रीराम का सचेत हो लक्ष्मण के लिये विलाप करना और स्वयं प्राणत्याग का विचार करके वानरों को लौट जाने की आज्ञा देना  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  6.49.32 
तत: सर्वाण्यनीकानि स्थापयित्वा विभीषण:।
आजगाम गदापाणिस्त्वरितं यत्र राघव:॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात समस्त सेनाओं को स्थिर करके विभीषण हाथ में गदा लेकर तुरंत ही उस स्थान पर लौट आए जहाँ श्री रामचंद्रजी उपस्थित थे॥32॥
 
After that, after establishing all the armies stably, Vibhishana immediately returned to the place where Shri Ramchandraji was present with a mace in his hand. 32॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)