श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 49: श्रीराम का सचेत हो लक्ष्मण के लिये विलाप करना और स्वयं प्राणत्याग का विचार करके वानरों को लौट जाने की आज्ञा देना  »  श्लोक 30-31
 
 
श्लोक  6.49.30-31 
शुश्रुवुस्तस्य ये सर्वे वानरा: परिदेवितम्॥ ३०॥
वर्तयांचक्रिरेऽश्रूणि नेत्रै: कृष्णेतरेक्षणा:॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
भगवान् राम का यह विलाप सुनकर सभी भूरे नेत्रों वाले वानरों के नेत्रों से आँसू बहने लगे ॥30-31॥
 
All the brown-eyed monkeys who heard this lamentation of Lord Rama started shedding tears from their eyes. ॥30-31॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)