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ramayan 6.49.20: लक्ष्मण एक ही बल से पाँच सौ बाण बरसाते थे; इसलिए धनुर्विद्या में कार्तवीर्य अर्जुन से श्रेष्ठ थे।   |   ramayan सर्ग 6.49: श्रीराम का सचेत हो लक्ष्मण के लिये विलाप करना और स्वयं प्राणत्याग का विचार करके वानरों को लौट जाने की आज्ञा देना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 49: श्रीराम का सचेत हो लक्ष्मण के लिये विलाप करना और स्वयं प्राणत्याग का विचार करके वानरों को लौट जाने की आज्ञा देना  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  6.49.20 
विससर्जैकवेगेन पञ्चबाणशतानि य:।
इष्वस्त्रेष्वधिकस्तस्मात् कार्तवीर्याच्च लक्ष्मण:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
लक्ष्मण एक ही बल से पाँच सौ बाण बरसाते थे; इसलिए धनुर्विद्या में कार्तवीर्य अर्जुन से श्रेष्ठ थे।
 
‘Lakshmana used to shower five hundred arrows with the same force; hence in the skill of archery, Kartavirya was better than Arjuna.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)