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इष्टबन्धुजनो नित्यं मां च नित्यमनुव्रत:।
इमामद्य गतोऽवस्थां ममानार्यस्य दुर्नयै:॥ १८॥
अनुवाद
लक्ष्मण जो मेरे प्रिय मित्र थे और मुझ पर सदैव स्नेह और भक्ति रखते थे, आज मुझ असभ्य व्यक्ति के कुत्सित इरादों के कारण इस अवस्था को प्राप्त हुए हैं।
Lakshmana who was my dear friend and always had affection and devotion for me, has today reached this state due to the evil intentions of me, an uncivilized person.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥