Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.49.16: 'तुम्हारा प्राण-स्थान बाणों से छिदा हुआ है, अतः तुम यहाँ बोल भी नहीं सकते। यद्यपि तुम बोल नहीं रहे हो, तथापि तुम्हारे नेत्रों की लालिमा तुम्हारी मर्मान्तक पीड़ा का संकेत दे रही है।॥16॥ | ramayan सर्ग 6.49: श्रीराम का सचेत हो लक्ष्मण के लिये विलाप करना और स्वयं प्राणत्याग का विचार करके वानरों को लौट जाने की आज्ञा देना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'तुम्हारा प्राण-स्थान बाणों से छिदा हुआ है, अतः तुम यहाँ बोल भी नहीं सकते। यद्यपि तुम बोल नहीं रहे हो, तथापि तुम्हारे नेत्रों की लालिमा तुम्हारी मर्मान्तक पीड़ा का संकेत दे रही है।॥16॥
‘Your vital spot has been pierced by the arrows, so you cannot even talk here. Although you are not speaking, yet the redness of your eyes is indicating your poignant pain.॥ 16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥