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ramayan 6.47.8: उसका पति, जिसकी रक्षा के लिए वह गर्व से मेरे पास नहीं आई थी, युद्ध के किनारे पर उसके भाई के साथ मारा गया। 8.   |   ramayan सर्ग 6.47: वानरों द्वारा श्रीराम और लक्ष्मण की रक्षा, सीता को पुष्पकविमान द्वारा श्रीराम और लक्ष्मण का दर्शन कराना और सीता रुदन   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 47: वानरों द्वारा श्रीराम और लक्ष्मण की रक्षा, सीता को पुष्पकविमान द्वारा श्रीराम और लक्ष्मण का दर्शन कराना और सीता रुदन  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  6.47.8 
यदाश्रयादवष्टब्धा नेयं मामुपतिष्ठते।
सोऽस्या भर्ता सह भ्रात्रा निहतो रणमूर्धनि॥ ८॥
 
 
अनुवाद
उसका पति, जिसकी रक्षा के लिए वह गर्व से मेरे पास नहीं आई थी, युद्ध के किनारे पर उसके भाई के साथ मारा गया। 8.
 
Her husband, for whose protection she did not come to me in pride, was killed along with her brother at the brink of battle. 8.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)