श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 47: वानरों द्वारा श्रीराम और लक्ष्मण की रक्षा, सीता को पुष्पकविमान द्वारा श्रीराम और लक्ष्मण का दर्शन कराना और सीता रुदन  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  6.47.7 
हताविन्द्रजिताख्यात वैदेह्या रामलक्ष्मणौ।
पुष्पकं तत्समारोप्य दर्शयध्वं रणे हतौ॥ ७॥
 
 
अनुवाद
तुम सब लोग जाकर विदेहकुमारी सीता से कहो कि इन्द्रजित ने राम और लक्ष्मण को मार डाला है। फिर सीता को पुष्पकविमान पर बिठाकर युद्धभूमि में ले जाओ और उसे उन दोनों मारे गए भाइयों को दिखाओ॥7॥
 
‘You all, go and tell Videhkumari Sita that Indrajit killed Ram and Lakshman. Then take Sita on Pushpakavimana and take her to the battlefield and show her those two killed brothers. 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)