Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.47.4: वे सब वानर सब ओर, ऊपर-नीचे, अगल-बगल देखते रहते थे और यदि तिनके भी हिल जाते तो समझते थे कि राक्षस आ गए हैं ॥4॥ | ramayan सर्ग 6.47: वानरों द्वारा श्रीराम और लक्ष्मण की रक्षा, सीता को पुष्पकविमान द्वारा श्रीराम और लक्ष्मण का दर्शन कराना और सीता रुदन । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वीक्षमाणा दिश: सर्वास्तिर्यगूर्ध्वं च वानरा:।
तृणेष्वपि च चेष्टत्सु राक्षसा इति मेनिरे॥ ४॥
अनुवाद
वे सब वानर सब ओर, ऊपर-नीचे, अगल-बगल देखते रहते थे और यदि तिनके भी हिल जाते तो समझते थे कि राक्षस आ गए हैं ॥4॥
All those monkeys kept looking in all directions, up and down and side to side, and if even the straws moved they would think that the demons had come. ॥ 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥