Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.47.24: उसके नेत्रों से आँसू बह रहे थे और उसका हृदय शोक से पीड़ित था। देवताओं के समान बलवान अपने भाइयों को उस दशा में देखकर वह शोक और चिन्ता में डूब गई, उनकी मृत्यु के भय से वह इस प्रकार बोली॥ 24॥ | ramayan सर्ग 6.47: वानरों द्वारा श्रीराम और लक्ष्मण की रक्षा, सीता को पुष्पकविमान द्वारा श्रीराम और लक्ष्मण का दर्शन कराना और सीता रुदन । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उसके नेत्रों से आँसू बह रहे थे और उसका हृदय शोक से पीड़ित था। देवताओं के समान बलवान अपने भाइयों को उस दशा में देखकर वह शोक और चिन्ता में डूब गई, उनकी मृत्यु के भय से वह इस प्रकार बोली॥ 24॥
Tears were flowing from her eyes and her heart was in pain due to grief. Seeing her brothers in that condition, who were as powerful as gods, she was drowned in sorrow and worry, fearing their death and spoke thus.॥ 24॥
इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्ये युद्धकाण्डे सप्तचत्वारिंश: सर्ग: ॥ ४ ७॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके युद्धकाण्डमें सैंतालीसवाँ सर्ग पूरा हुआ ॥ ४ ७॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥