Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.47.2-3: हनुमान, अंगद, नील, सुषेण, कुमुद, नल, गज, गवाक्ष, गव्य, शरभ, गंधमादन, जाम्बवान, ऋषभ, स्कन्ध, रम्भ, शतबली और पृथु- इन सभी ने सावधान होकर अपनी सेना का व्यूह बनाया और हाथ में वृक्ष लेकर चारों ओर से रक्षा करने लगे। 2-3॥   |   ramayan सर्ग 6.47: वानरों द्वारा श्रीराम और लक्ष्मण की रक्षा, सीता को पुष्पकविमान द्वारा श्रीराम और लक्ष्मण का दर्शन कराना और सीता रुदन   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 47: वानरों द्वारा श्रीराम और लक्ष्मण की रक्षा, सीता को पुष्पकविमान द्वारा श्रीराम और लक्ष्मण का दर्शन कराना और सीता रुदन  »  श्लोक 2-3
 
 
श्लोक  6.47.2-3 
हनुमानङ्गदो नील: सुषेण: कुमुदो नल:।
गजो गवाक्षो गवय: शरभो गन्धमादन:॥ २॥
जाम्बवानृषभ: स्कन्धो रम्भ: शतबलि: पृथु:।
व्यूढानीकाश्च यत्ताश्च द्रुमानादाय सर्वत:॥ ३॥
 
 
अनुवाद
हनुमान, अंगद, नील, सुषेण, कुमुद, नल, गज, गवाक्ष, गव्य, शरभ, गंधमादन, जाम्बवान, ऋषभ, स्कन्ध, रम्भ, शतबली और पृथु- इन सभी ने सावधान होकर अपनी सेना का व्यूह बनाया और हाथ में वृक्ष लेकर चारों ओर से रक्षा करने लगे। 2-3॥
 
Hanuman, Angad, Neel, Sushen, Kumud, Nal, Gaj, Gavaksh, Gavya, Sharabh, Gandhamadan, Jambavan, Rishabh, Skandh, Rambha, Shatabali and Prithu - all of them, being alert, formed their army in an array and started guarding from all sides with trees in their hands. 2-3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)