श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 47: वानरों द्वारा श्रीराम और लक्ष्मण की रक्षा, सीता को पुष्पकविमान द्वारा श्रीराम और लक्ष्मण का दर्शन कराना और सीता रुदन  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  6.47.19 
तत: सीता ददर्शोभौ शयानौ शरतल्पगौ।
लक्ष्मणं चैव रामं च विसंज्ञौ शरपीडितौ॥ १९॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् सीता ने देखा कि दोनों भाई श्री राम और लक्ष्मण बाणों से घायल होकर अचेत होकर बाणों की शय्या पर पड़े हैं॥19॥
 
Thereafter Sita saw both the brothers Shri Ram and Lakshman lying on the bed of arrows, unconscious after being hit by the arrows.॥ 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)