Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.46.5: उन दोनों भाइयों का शौर्य क्षीण हो गया था, वे निश्चल पड़े थे और साँपों की तरह साँसें ले रहे थे। उनके सारे अंग खून से लथपथ थे। वे दो गिरे हुए सुनहरे झंडों जैसे लग रहे थे। | ramayan सर्ग 6.46: श्रीराम और लक्ष्मण को मूर्च्छित देख वानरों का शोक, इन्द्रजित का पिता को शत्रुवध का वृत्तान्त बताना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उन दोनों भाइयों का शौर्य क्षीण हो गया था, वे निश्चल पड़े थे और साँपों की तरह साँसें ले रहे थे। उनके सारे अंग खून से लथपथ थे। वे दो गिरे हुए सुनहरे झंडों जैसे लग रहे थे।
The valour of those two brothers had diminished as they lay motionless and breathing like snakes. All their limbs were soaked in blood. They looked like two golden flags that had fallen down.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥