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श्लोक  6.46.20 
गवाक्षं शरभं चैव तावप्यमितविक्रमौ।
द्वाभ्यां द्वाभ्यां महावेगो विव्याध युधि रावणि:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
उस समय रावण के पुत्र का वेग बहुत बढ़ गया था। उसने युद्धभूमि में अत्यंत शक्तिशाली योद्धा गवाक्ष और शरभ को दो-दो बाण मारकर घायल कर दिया।
 
At that time, the speed of Ravana's son had increased a lot. He injured the extremely powerful warriors Gavaksha and Sharabha by shooting two arrows each on the battlefield.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)