Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.46.2: जैसे देवराज इन्द्र वर्षा करके शान्त हो गए थे, उसी प्रकार जब दैत्य इन्द्रजित ने अपना काम पूरा करके बाण वर्षा करना बन्द कर दिया, तब सुग्रीव के साथ विभीषण भी उस स्थान पर आ गए॥2॥ | ramayan सर्ग 6.46: श्रीराम और लक्ष्मण को मूर्च्छित देख वानरों का शोक, इन्द्रजित का पिता को शत्रुवध का वृत्तान्त बताना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जैसे देवराज इन्द्र वर्षा करके शान्त हो गए थे, उसी प्रकार जब दैत्य इन्द्रजित ने अपना काम पूरा करके बाण वर्षा करना बन्द कर दिया, तब सुग्रीव के साथ विभीषण भी उस स्थान पर आ गए॥2॥
Just as Devraj Indra became calm after raining, similarly when the demon Indrajit completed his work and stopped raining arrows, then Vibhishana along with Sugriva also came to that place. 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥