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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 46: श्रीराम और लक्ष्मण को मूर्च्छित देख वानरों का शोक, इन्द्रजित का पिता को शत्रुवध का वृत्तान्त बताना  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  6.46.18 
नीलं नवभिराहत्य मैन्दं सद्विविदं तथा।
त्रिभिस्त्रिभिरमित्रघ्नस्तताप परमेषुभि:॥ १८॥
 
 
अनुवाद
उस वीर रात्रि योद्धा शत्रुघ्न ने नील को नौ बाणों से घायल कर दिया तथा मैन्द और द्विविद को तीन-तीन उत्तम बाणों से मारकर उन्हें क्रोधित कर दिया।
 
That brave night-time warrior, Shatrughan, wounded Neel with nine arrows, and enraged Maind and Dwivid by killing them with three excellent arrows each.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)