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ramayan 6.45.18: वे महान धनुर्धर और वीर भूपाल हृदय के छेदने से व्याकुल और क्षीण होकर पृथ्वी पर गिर पड़े ॥18॥   |   ramayan सर्ग 6.45: इन्द्रजित के बाणों से श्रीराम और लक्ष्मण का अचेत होना और वानरों का शोक करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.45.18 
तौ सम्प्रचलितौ वीरौ मर्मभेदेन कर्शितौ।
निपेततुर्महेष्वासौ जगत्यां जगतीपती॥ १८॥
 
 
अनुवाद
वे महान धनुर्धर और वीर भूपाल हृदय के छेदने से व्याकुल और क्षीण होकर पृथ्वी पर गिर पड़े ॥18॥
 
That great archer and brave Bhupal fell on the earth, distraught and emaciated by the piercing of the heart. 18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)