Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.45.17: इस प्रकार उसके सभी अंग छिद गए। वे बाणों से आच्छादित हो गए। रस्सी से मुक्त होने पर वे देवराज इन्द्र की दो ध्वजाओं के समान हिलने लगे। 17. | ramayan सर्ग 6.45: इन्द्रजित के बाणों से श्रीराम और लक्ष्मण का अचेत होना और वानरों का शोक करना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इस प्रकार उसके सभी अंग छिद गए। वे बाणों से आच्छादित हो गए। रस्सी से मुक्त होने पर वे देवराज इन्द्र की दो ध्वजाओं के समान हिलने लगे। 17.
Thus all his limbs were pierced. They were covered with arrows. When they were freed from the rope, they started shaking like the two flags of Devraja Indra. 17.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥