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ramayan 6.45.1: तत्पश्चात् परम पराक्रमी एवं तेजस्वी राजकुमार श्री राम ने दस वानरों को इन्द्रजित् का पता लगाने का आदेश दिया॥1॥   |   ramayan सर्ग 6.45: इन्द्रजित के बाणों से श्रीराम और लक्ष्मण का अचेत होना और वानरों का शोक करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.45.1 
स तस्य गतिमन्विच्छन् राजपुत्र: प्रतापवान्।
दिदेशातिबलो रामो दश वानरयूथपान्॥ १॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् परम पराक्रमी एवं तेजस्वी राजकुमार श्री राम ने दस वानरों को इन्द्रजित् का पता लगाने का आदेश दिया॥1॥
 
Thereafter, the extremely powerful and glorious Prince Shri Ram ordered ten monkey-companions to locate Indrajit. 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)