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ramayan 6.44.9-10h: कभी बड़े-बड़े राक्षस प्रकट होकर युद्ध करते और कभी अदृश्य हो जाते; परन्तु श्रीराम और लक्ष्मण विषैले सर्पों के समान अपने बाणों से समस्त दृश्य-अदृश्य राक्षसों का संहार कर देते।   |   ramayan सर्ग 6.44: रात में वानरों और राक्षसों का घोर युद्ध, अङ्गद के द्वारा इन्द्रजित की पराजय, इन्द्रजित द्वारा श्रीराम और लक्ष्मण को बाँधना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 44: रात में वानरों और राक्षसों का घोर युद्ध, अङ्गद के द्वारा इन्द्रजित की पराजय, इन्द्रजित द्वारा श्रीराम और लक्ष्मण को बाँधना  »  श्लोक 9-10h
 
 
श्लोक  6.44.9-10h 
लक्ष्मणश्चापि रामश्च शरैराशीविषोपमै:॥ ९॥
दृश्यादृश्यानि रक्षांसि प्रवराणि निजघ्नतु:।
 
 
अनुवाद
कभी बड़े-बड़े राक्षस प्रकट होकर युद्ध करते और कभी अदृश्य हो जाते; परन्तु श्रीराम और लक्ष्मण विषैले सर्पों के समान अपने बाणों से समस्त दृश्य-अदृश्य राक्षसों का संहार कर देते।
 
Sometimes the great demons would appear and fight and sometimes they would disappear; but Shri Ram and Lakshmana would kill all the visible and invisible demons with their arrows, like poisonous serpents. 9 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)