Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.44.35-36h: युद्ध में क्रोधित होकर इन्द्रजीत ने श्री राम और लक्ष्मण को घातक सर्पबाणों से घायल कर दिया। वे दोनों रघुवंशी भाई घायल होकर शरीर के सभी अंगों से क्षत-विक्षत हो गए। 35 1/2॥   |   ramayan सर्ग 6.44: रात में वानरों और राक्षसों का घोर युद्ध, अङ्गद के द्वारा इन्द्रजित की पराजय, इन्द्रजित द्वारा श्रीराम और लक्ष्मण को बाँधना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 44: रात में वानरों और राक्षसों का घोर युद्ध, अङ्गद के द्वारा इन्द्रजित की पराजय, इन्द्रजित द्वारा श्रीराम और लक्ष्मण को बाँधना  »  श्लोक 35-36h
 
 
श्लोक  6.44.35-36h 
रामं च लक्ष्मणं चैव घोरैर्नागमयै: शरै:॥ ३५॥
बिभेद समरे क्रुद्ध: सर्वगात्रेषु राक्षस:।
 
 
अनुवाद
युद्ध में क्रोधित होकर इन्द्रजीत ने श्री राम और लक्ष्मण को घातक सर्पबाणों से घायल कर दिया। वे दोनों रघुवंशी भाई घायल होकर शरीर के सभी अंगों से क्षत-विक्षत हो गए। 35 1/2॥
 
Enraged during the battle, Indrajit injured Shri Ram and Lakshman with deadly snake arrows. Those two Raghuvanshi brothers were getting injured and mutilated in all their body parts. 35 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)