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ramayan 6.44.33: युद्धस्थल में भयंकर कर्म करने वाले बालिपुत्र अंगद से पराजित होकर इन्द्रजित ने बड़ा क्रोध प्रकट किया ॥33॥   |   ramayan सर्ग 6.44: रात में वानरों और राक्षसों का घोर युद्ध, अङ्गद के द्वारा इन्द्रजित की पराजय, इन्द्रजित द्वारा श्रीराम और लक्ष्मण को बाँधना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 44: रात में वानरों और राक्षसों का घोर युद्ध, अङ्गद के द्वारा इन्द्रजित की पराजय, इन्द्रजित द्वारा श्रीराम और लक्ष्मण को बाँधना  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  6.44.33 
इन्द्रजित् तु तदानेन निर्जितो भीमकर्मणा।
संयुगे वालिपुत्रेण क्रोधं चक्रे सुदारुणम्॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
युद्धस्थल में भयंकर कर्म करने वाले बालिपुत्र अंगद से पराजित होकर इन्द्रजित ने बड़ा क्रोध प्रकट किया ॥33॥
 
After being defeated by Angada, the son of Vali, who committed terrible deeds in the battlefield, Indrajit expressed great anger. 33॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)