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ramayan 6.44.3: उस गहन अंधकार में वानर अपने विरोधियों से पूछते, "क्या तुम राक्षस हो?" और राक्षस भी पूछते, "क्या तुम वानर हो?" इस प्रकार वे युद्धभूमि में एक-दूसरे पर आक्रमण करते।   |   ramayan सर्ग 6.44: रात में वानरों और राक्षसों का घोर युद्ध, अङ्गद के द्वारा इन्द्रजित की पराजय, इन्द्रजित द्वारा श्रीराम और लक्ष्मण को बाँधना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 44: रात में वानरों और राक्षसों का घोर युद्ध, अङ्गद के द्वारा इन्द्रजित की पराजय, इन्द्रजित द्वारा श्रीराम और लक्ष्मण को बाँधना  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  6.44.3 
राक्षसोऽसीति हरयो वानरोऽसीति राक्षसा:।
अन्योन्यं समरे जघ्नुस्तस्मिंस्तमसि दारुणे॥ ३॥
 
 
अनुवाद
उस गहन अंधकार में वानर अपने विरोधियों से पूछते, "क्या तुम राक्षस हो?" और राक्षस भी पूछते, "क्या तुम वानर हो?" इस प्रकार वे युद्धभूमि में एक-दूसरे पर आक्रमण करते।
 
In that intense darkness the monkeys would ask their opponents, "Are you a demon?" And the demons would also ask, "Are you a monkey?" In this way, they would attack each other in the battlefield.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)