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ramayan 6.44.25: वह भयानक रात राक्षसों की दहाड़ और भेड़ियों की चीख से और भी अधिक डरावनी हो गई।   |   ramayan सर्ग 6.44: रात में वानरों और राक्षसों का घोर युद्ध, अङ्गद के द्वारा इन्द्रजित की पराजय, इन्द्रजित द्वारा श्रीराम और लक्ष्मण को बाँधना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.44.25 
राक्षसानां च निनदैर्भेरीणां चैव नि:स्वनै:।
सा बभूव निशा घोरा भूयो घोरतराभवत्॥ २५॥
 
 
अनुवाद
वह भयानक रात राक्षसों की दहाड़ और भेड़ियों की चीख से और भी अधिक डरावनी हो गई।
 
That dreadful night was made even more terrifying by the roars of the demons and the cries of wolves. 25.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)