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ramayan 6.44.23: राम के सामने खड़े अन्य वीर राक्षस भी उसी प्रकार नष्ट हो गए जैसे पतंगे आग में जल जाते हैं॥23॥   |   ramayan सर्ग 6.44: रात में वानरों और राक्षसों का घोर युद्ध, अङ्गद के द्वारा इन्द्रजित की पराजय, इन्द्रजित द्वारा श्रीराम और लक्ष्मण को बाँधना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.44.23 
ये त्वन्ये राक्षसा वीरा रामस्याभिमुखे स्थिता:।
तेऽपि नष्टा: समासाद्य पतङ्गा इव पावकम्॥ २३॥
 
 
अनुवाद
राम के सामने खड़े अन्य वीर राक्षस भी उसी प्रकार नष्ट हो गए जैसे पतंगे आग में जल जाते हैं॥23॥
 
The other brave demons standing before Rama also got destroyed like moths get burnt in fire.॥ 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)