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ramayan 6.44.19: फिर पलक झपकते ही भगवान राम ने आग की लपटों के समान भयंकर छः बाणों से उन छः राक्षसों को घायल कर दिया।   |   ramayan सर्ग 6.44: रात में वानरों और राक्षसों का घोर युद्ध, अङ्गद के द्वारा इन्द्रजित की पराजय, इन्द्रजित द्वारा श्रीराम और लक्ष्मण को बाँधना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 44: रात में वानरों और राक्षसों का घोर युद्ध, अङ्गद के द्वारा इन्द्रजित की पराजय, इन्द्रजित द्वारा श्रीराम और लक्ष्मण को बाँधना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  6.44.19 
तेषां राम: शरै: षड‍‍्भि: षड् जघान निशाचरान्।
निमेषान्तरमात्रेण शरैरग्निशिखोपमै:॥ १९॥
 
 
अनुवाद
फिर पलक झपकते ही भगवान राम ने आग की लपटों के समान भयंकर छः बाणों से उन छः राक्षसों को घायल कर दिया।
 
Then, in the blink of an eye, Lord Rama injured the following six demons with six terrible arrows, which were like flames of fire.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)