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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 6: युद्ध काण्ड
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सर्ग 43: द्वन्द्वयुद्ध में वानरों द्वारा राक्षसों की पराजय
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श्लोक 42
श्लोक
6.43.42
एवं तैर्वानरै: शूरै: शूरास्ते रजनीचरा:।
द्वन्द्वे विमथितास्तत्र दैत्या इव दिवौकसै:॥ ४२॥
अनुवाद
इस प्रकार वे वीर निशाचर वानरों को द्वन्द्वयुद्ध में वीर वानरों ने उसी प्रकार कुचल दिया जैसे देवताओं ने राक्षसों को कुचल दिया था ॥42॥
In this way, those brave nocturnal monkeys were crushed in the duel by the brave monkeys in the same way as the demons were crushed by the gods. 42॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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