vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 6: युद्ध काण्ड
»
सर्ग 43: द्वन्द्वयुद्ध में वानरों द्वारा राक्षसों की पराजय
»
श्लोक 39
श्लोक
6.43.39
तमापतन्तं गदया विद्युन्माली निशाचर:।
वक्षस्यभिजघानाशु सुषेणं हरिपुङ्गवम्॥ ३९॥
अनुवाद
श्रेष्ठ वानर सुषेण को आक्रमण करते देख रात्रिचर विद्युन्माली ने तुरन्त ही अपनी गदा से उसकी छाती पर प्रहार किया।
Seeing the best of apes Sushena attacking, the night-charterer Vidyunmali immediately struck him on the chest with his mace.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×