श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 43: द्वन्द्वयुद्ध में वानरों द्वारा राक्षसों की पराजय  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  6.43.38 
तत: क्रोधसमाविष्ट: सुषेणो हरिपुङ्गव:।
शिलां सुमहतीं गृह्य निशाचरमभिद्रवत्॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् वानरों का प्रधान सुषेण क्रोध में भरकर एक विशाल शिला लेकर उस रात्रिचर जीव की ओर दौड़ा।
 
Thereafter Sushen, the chief of the monkeys, filled with rage, ran towards the night creature carrying a huge rock. 38.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)